Manisha joban desai
  • Female
  • Surat-gujarat
  • India
Share

Manisha joban desai's Friends

  • pankhaniya chirag
  • jignesh parmar
  • Shaikh Tanzib
  • pratik modh
  • MOHIT RAJIVBHAI CHAUDHARI
  • Jayant Shah
  • Saagar
  • Krishnakumar Mishra
  • Vivek Tank
  • Ritesh Vaniya
  • Pavni Bhatt
  • Harshit J. Shukla
  • Vatsal kaushikbhai shah
  • Pragna Dadbhawala
  • pragnesh
 

Manisha joban desai's Page

Latest Activity

Manisha joban desai posted a blog post

Fact of life -short story

Fact of Life"Hello doctor rituja, I am sister ninja from the 'personal care' center. There is a very serious case, if possible will you visit to check the patient? we all are very confused because reports are very critical. please give the right medicine for him""Ok,I will reach in 15-20 minutes and update every detail""Thanks, mem we are waiting for you"Dr.rituja quickly fresh up and pick the car- keys. Her mom surprisingly ask,”are you again going somewhere?”“Yes, mom it’s very urgent for me to examine a serious new patient in our 'personal care'. It’s my duty to go first there””oh my god, your dinner is ready and it’s too late also”“don’t worry mom”Dr. rituja rush to the center and handle minor surgery of the patient and check the record.It’s sure that this patient has a severe problem and taking too much time to recover his health to be normal. After two hours she came back to home and trying to sleep but today she feels very sad. When she closes the eyes appear a very emotional…See More
Nov 28, 2017
kinjal chavda liked Manisha joban desai's blog post gazal
Nov 8, 2017
kinjal chavda liked Manisha joban desai's blog post gazal
Nov 8, 2017
Rachana liked Manisha joban desai's blog post gazal
Nov 5, 2017
Sanket Joshi liked Manisha joban desai's blog post gazal
Oct 16, 2017
Isha joyce liked Manisha joban desai's blog post gazal
Oct 15, 2017
Manisha joban desai posted a blog post
Oct 2, 2017
Ashish Dalal liked Manisha joban desai's blog post जिंदगी-लघुकथा
Sep 27, 2017
Manisha joban desai posted a blog post

जिंदगी-लघुकथा

लघुकथा -ज़िन्दगीरीवा ने डॉक्टरी पढ़ाई के बाद उस से ४ साल सीनियर डॉक्टर रुपेश ने नया नर्सिंग होम शुरू किया था, उस से पार्टनरशिप कर ली। अपने पापा की लाड़ली रीवा के खबर सुनाते ही प्रो.अमरीश की आँखों में आंसू आ गए।पत्नी की मोत के बाद ११ साल की छोटी-सी रीवा को बड़े प्यार से पाला था। आज अपने सपनो की उड़ान भर रही बेटी रीवा रूपेश से अगले साल शादी भी कर रही है ,ये जानकार तो जैसे दिल एकदम हल्का-सा खुशियों से भर गया।नर्सिंग होम बहुत प्रगति कर रहा था। डॉ।रुपेश इतवार को भी काम करते रहते। नया घर भी बुक करवा लिया था।रीवा अपनी सहेली वित्वा, जो दूसरे शहर के ससुराल से आयी थी उसके घर मिलने गयी, देर तक बाते करती रही दोनों। इतने में उसकी भाभी साहिला को देख रीवा अचानक से बोल पड़ी,"अरे भाभी आप ऐसे कैसी हो गयी? तबियत ठीक नहीं है क्या?"वित्वा ने कहा, "मैंने कितना समझाया और माँ-भैया को भी बोला कि इस तरहा गर्भपरीक्षण करवाना ग़लत है। दो बेटीयाँ है तो क्या हुआ? लेकिन ..."रीवा थोड़ा गुस्से होते हुए,"कोन है ये डॉक्टर? में शहर की युवा पाँख की मेंबर हुँ और हमने तो ऐसे लोगो को सबक सिखाने का अभियान छेड़ा है"तभी माँ ने…See More
Sep 26, 2017
Bhavesh Patel liked Manisha joban desai's blog post હાઇકુ
Sep 3, 2017
Manisha joban desai posted a blog post

यात्रा वृतांत

यात्रा वृतांत-मनिषा जोबन देसाईमुझे छू गयी ये संवेदनशील बात ...मित्रो, २००६ से २००९ के दरम्यान मेरा बेटा और बेटी लन्दन के छोटे से टाउन चिचेस्टर में पढ़ते थे ।में उन दोनों से मिलने गयी थी । मेरा बेटा प्रथम मार्टिना बहन नामकी एक रिटायर्ड ब्रिटिश महिला के यहाँ और बेटी युग्मा रैशल डोव नामक ब्रिटिश २४-२५ सालकी लड़की ,जो की एक लड़के एडंन की मम्मी भी थी, वहा पेइंग गेस्ट रहते थे ।दोनों अपने-अपने अनुभव बताते और हमने काफी दिन साथ में रहकर शहर घुमां और वहाँ के रहन सहन वगैरा के बारे में जाना।मार्टिना बेन को हम कोई गिफ्ट देना चाहते थे तो मेरे बेटे ने बताया, "मम्मी, आंटी के किचन में एक पुराना-सा फ़ूड का वजन काँटा है, क्यों ना हम आंटी को नया डिजिटल वजन काँटा दे?"मुझे भी ये विचार बहोत अच्छा लगा ।मार्टिना बेन से काफी बाते हुई, वो भी इंडिया के बारे में काफी जानकारी रहती थी और वहाँ की सक्रीय सीनियर सभा की सदस्या भी थी ,जो शहर के डेवलोपमेन्ट में अपने विचार प्रस्तुत करते रहते ।घर में घूमते हुए किचेन में मुझे दो तीन बार उस पुराने फ़ूड वजनकांटे पर नजर डालते देख मा्टिॅना बहन अचानक से बोली, "आपको आश्चर्य लग रहा…See More
Aug 31, 2017
Manisha joban desai posted blog posts
Aug 28, 2017
Manisha joban desai posted a blog post

અછાંદસ

એક સાંજ...સાંજ વીતી આકરીતારા વગર ...વરસતો વરસાદ ,ખાલી મનની કોતરોપર ખળખળ વહીરડતો રહ્યો ..કોઈ હૃદય નીચવીઆભથી વરસતું રહ્યું ,વૃક્ષો લહેરાતા આનંદથી નાચતા રહયાએક હોડી કાગળનીઆમતેમ ફંગોળાતીઆખરે એક દીવાલેઊંડા શ્વાસ લેતીઉભી રહી ,પાંખ ફફડાવતો એક મોરજરાક જ ઉડ્યોને ફરી ...સંતાઈ ગયો એક પિંજરામાં .સદીઓના વિરહથીપીડાતો આ સમયવહેતો રહે છેબસ ....વહેતો જ રહે છે .-મનીષા જોબન દેસાઈSee More
Jul 31, 2017
Manisha joban desai posted a blog post

कहानी

लघुकथा अब क्या कहे ?“जितवन …..क्या कर रहे हो बाहर ? देखो ये कोन आया है ?” माँ की आवाज़ सुनकर अपने स्कूटर की लाइट ठीक कर रहा जित जल्दी से घर के अंदर आया ।“ओह ,कब आये आप बिजलभैया ?”“बस अभी अभी… मेरी मुंबई की पढाई ख़त्म हुई और सब सामान लेकर घर वापस आ गया और आप सब से मिलने चला आया.”उतने में मम्मी बोली ,“कैसा हो गया है ? कुछ ठीक से खाता है की नहीं ?”“अब क्या बतलाऊ बुआ ,हॉस्टल की लाइफ कितनी कठिन है ”“चलो अब सब ठीक हो जाएगा ,घरपर सब कैसे है ?कितने दिनो से मिलना भी नहीं हूआ.”और ,सब काफी देरतक नास्ते के साथ बातें करते हुए बैठे रहे।फिर एकाद घंटे के बाद जितवन अपनी कॉलेज जाने निकल रहा था ,“जितवन,नास्ता लिया थोड़ा साथ में ? ”“हाँ,कॉलेज से सीधा ही ट्यूशन चला जाऊंगा और शाम को किरण भैया भी आ जाएंगे ऑफिस से ,तो आपका जन्मदिवस अपना फेवरिट आइसक्रीम खाकर मनायेंगे ,भाभी को भी कहे देना.”“अब क्या मेरा जन्मदिवस? तेरे पप्पा तो तीन-चार दिन बाद बहारगांव से आनेवाले है,”कहकर मम्मी हॅसने लगी।“पापा आयेंगे तब वापस आईसक्रीम खायेंगे”“ठीक है, संभलकर जाना बेटा”कॉलेज से निकलकर सीधा ट्यूशन चला गया ,ओर ज्यादा देर हो गयी थी…See More
Jun 30, 2017
Manisha joban desai posted a blog post

गज़ल

माँ शब्द है जिन दिलो में यहाँ,पार हुआ है जग जूलो में यहाँ।दुःख की परछाईयों में जो घिरा ,छलकते थे दर्द आंखो में वहाँ।माफ़ किया है उसी माँ ने सदा ,हम सभी गुनाहगारो है यहाँ।बरसती उस ह्रदय से दुआ सभी ,कामयाबी आज ढेरो है यहाँ।नींद लेते सुख सपने देखते,जागती वो रात हजारो है यहाँ।साथ में वो रोई थी हमारे कभी ,राह में खाई ठोकरों में यहाँ।बात से उनकी कहानी निकले,फिरते थे फूल तारों में यहाँ।देखती थी मुरते मंदिर में ,फिरभी माँ को हूँ प्यारो में यहाँ।देकर लहू जिसने सींचा हमें ,सामने उसके सब हारो है यहाँ।याद माँ की है मधुरी दिल में,ये जगत-सागर खारो है यहाँ।ना फर्क किया कभी माँ ने यहाँ,ये बच्चे का सहारो है यहाँ।-मनिषा जोबन देसाईSee More
May 7, 2017
Manisha joban desai shared Lagani Vyas's group on Facebook
May 6, 2017

Profile Information

First Language
Gujarati
Second Language
Hindi
How did you come to know about us?
Internet
Interests
Gujrati hindi short stories,gazal and haiku

Manisha joban desai's Blog

Fact of life -short story

Posted on November 28, 2017 at 4:30pm 0 Comments

Fact of Life

"Hello doctor rituja, I am sister ninja from the 'personal care' center. There is a very serious case, if possible will you visit to check the patient? we all are very confused because reports are very critical. please give the right medicine for him"

"Ok,I will reach in 15-20 minutes and update every detail"

"Thanks, mem we are waiting for you"

Dr.rituja quickly fresh up and pick the car- keys. Her mom surprisingly ask,

”are you again going somewhere?”

“Yes, mom it’s very urgent for me to examine a serious new patient in our 'personal care'. It’s my duty to go first there”

”oh my god, your dinner is ready and it’s too late also”

“don’t worry mom”

Dr. rituja rush to the center and handle minor surgery of the patient and check the record.It’s sure that this patient has a severe problem and taking too much time to recover his health to be normal. After two hours she came back to home and…

Continue

gazal

Posted on October 12, 2017 at 11:22am 0 Comments

अब इसी राह आना है,

कर रहे क्यों बहाना है।

जल रहे दूसरो से सब,

यही तो ये ज़माना है।

मना है ये…

Continue

हाइकु

Posted on October 2, 2017 at 5:03pm 0 Comments

जिंदगी-लघुकथा

Posted on September 26, 2017 at 5:45pm 0 Comments

लघुकथा -ज़िन्दगी

रीवा ने डॉक्टरी पढ़ाई के बाद उस से ४ साल सीनियर डॉक्टर रुपेश ने नया नर्सिंग होम शुरू किया था, उस से पार्टनरशिप कर ली। अपने पापा की लाड़ली रीवा के खबर सुनाते ही प्रो.अमरीश की आँखों में आंसू आ गए।

पत्नी की मोत के बाद ११ साल की छोटी-सी रीवा को बड़े प्यार से पाला था। आज अपने सपनो की उड़ान भर रही बेटी रीवा रूपेश से अगले साल शादी भी कर रही है ,ये जानकार तो जैसे दिल एकदम हल्का-सा खुशियों से भर गया।नर्सिंग होम बहुत प्रगति कर रहा था। डॉ।रुपेश इतवार को भी काम करते रहते। नया घर भी बुक करवा लिया था।

रीवा अपनी सहेली वित्वा, जो दूसरे शहर के ससुराल से आयी थी उसके घर मिलने गयी, देर तक बाते करती रही दोनों। इतने में उसकी भाभी साहिला को देख रीवा अचानक से बोल पड़ी,

"अरे भाभी आप ऐसे कैसी हो गयी? तबियत ठीक नहीं है क्या?"

वित्वा ने कहा, 

"मैंने कितना समझाया और माँ-भैया को भी बोला कि इस तरहा गर्भपरीक्षण करवाना ग़लत है। दो बेटीयाँ है तो क्या हुआ? लेकिन ..."

रीवा थोड़ा गुस्से…

Continue

Comment Wall

You need to be a member of Facestorys.com to add comments!

Join Facestorys.com

  • No comments yet!
 
 
 

Blog Posts

Friendversary

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 20, 2018 at 2:00am 0 Comments

friendversary

 

Friday, April 20, 2018…

Continue

The need for an hour

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 20, 2018 at 1:35am 0 Comments

 

The need for an hour

 

Thursday, April 19, 2018

8:57 PM

 

What is need of an hour?

Do we not want an hour?

For the nation, for the self and for all

Is it the thought of an individual?

 

Will only religion takes us…

Continue

Rightly said

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 19, 2018 at 5:32am 0 Comments

 

Rightly said

 

Thursday, April 19, 2018

10:48 AM

 

It is rightly said

No rules are laid

For poets to prove

And make belief

 

It is self-elevation

To write in relation

With the scenario around

The theme has to…

Continue

Rich divine cottages

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 19, 2018 at 5:14am 0 Comments

 

Rich divine cottages

 

Thursday, April 19, 2018

10:29 AM

 

In India, you find rich divine cottages

Where Vedic time pictures are put by an artists

The Gods and Goddesses appear

In rich emeralds and bar the golden…

Continue

No age in love

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 19, 2018 at 2:36am 0 Comments

No age in love

 

Thursday, April 19, 2018…

Continue

Sunshine

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 19, 2018 at 1:42am 0 Comments

 

Sunshine

 

Thursday, April 19,2018

6: 41 AM

 

How come life shine? 

When there is the absence of divine feeling! 

When you think of no noble work

Escape always with tricky words

 

Sun rises as usual

We get up and get seized…

Continue

लोगों का होंसला

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 18, 2018 at 4:27pm 0 Comments

लोगों का होंसला
 
Wednesday, April 18, 2018
8: 50…
Continue

Human ignorance Tuesday, April 17, 20189:13 PM What do we call about ignorance?Or deliberate innocenceWhen some tries to rape the childAnd we stand there as a blind person We have stooped below the d…

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 17, 2018 at 4:05pm 0 Comments

Human ignorance

Tuesday, April 17, 2018

9:13 PM

What do we call about ignorance?

Or deliberate innocence

When some tries to rape the child

And we stand there as a blind person

We have stooped below the dignity

And shame our existence really

God had sent us to perform…

Continue

No complete home

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 17, 2018 at 3:38pm 0 Comments

No complete home

 

Tuesday, April 17, 2018

8:57 PM

 

There is no com[plete home

If no one is there to welcome

The woman takes charge of everything

When the husband is out for  earning

 

It is totally her domain

And remains…

Continue

No possibility

Posted by Hasmukh amathalal mehta on April 17, 2018 at 4:44am 0 Comments

No possibility
 
Tuesday, April 17, 2018
9: 45 AM…
Continue

© 2018   Created by Facestorys.com Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Privacy Policy  |  Terms of Service