Manisha joban desai
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Ashish Dalal liked Manisha joban desai's blog post जिंदगी-लघुकथा
Sep 27
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जिंदगी-लघुकथा

लघुकथा -ज़िन्दगीरीवा ने डॉक्टरी पढ़ाई के बाद उस से ४ साल सीनियर डॉक्टर रुपेश ने नया नर्सिंग होम शुरू किया था, उस से पार्टनरशिप कर ली। अपने पापा की लाड़ली रीवा के खबर सुनाते ही प्रो.अमरीश की आँखों में आंसू आ गए।पत्नी की मोत के बाद ११ साल की छोटी-सी रीवा को बड़े प्यार से पाला था। आज अपने सपनो की उड़ान भर रही बेटी रीवा रूपेश से अगले साल शादी भी कर रही है ,ये जानकार तो जैसे दिल एकदम हल्का-सा खुशियों से भर गया।नर्सिंग होम बहुत प्रगति कर रहा था। डॉ।रुपेश इतवार को भी काम करते रहते। नया घर भी बुक करवा लिया था।रीवा अपनी सहेली वित्वा, जो दूसरे शहर के ससुराल से आयी थी उसके घर मिलने गयी, देर तक बाते करती रही दोनों। इतने में उसकी भाभी साहिला को देख रीवा अचानक से बोल पड़ी,"अरे भाभी आप ऐसे कैसी हो गयी? तबियत ठीक नहीं है क्या?"वित्वा ने कहा, "मैंने कितना समझाया और माँ-भैया को भी बोला कि इस तरहा गर्भपरीक्षण करवाना ग़लत है। दो बेटीयाँ है तो क्या हुआ? लेकिन ..."रीवा थोड़ा गुस्से होते हुए,"कोन है ये डॉक्टर? में शहर की युवा पाँख की मेंबर हुँ और हमने तो ऐसे लोगो को सबक सिखाने का अभियान छेड़ा है"तभी माँ ने…See More
Sep 26
Bhavesh Patel liked Manisha joban desai's blog post હાઇકુ
Sep 3
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यात्रा वृतांत

यात्रा वृतांत-मनिषा जोबन देसाईमुझे छू गयी ये संवेदनशील बात ...मित्रो, २००६ से २००९ के दरम्यान मेरा बेटा और बेटी लन्दन के छोटे से टाउन चिचेस्टर में पढ़ते थे ।में उन दोनों से मिलने गयी थी । मेरा बेटा प्रथम मार्टिना बहन नामकी एक रिटायर्ड ब्रिटिश महिला के यहाँ और बेटी युग्मा रैशल डोव नामक ब्रिटिश २४-२५ सालकी लड़की ,जो की एक लड़के एडंन की मम्मी भी थी, वहा पेइंग गेस्ट रहते थे ।दोनों अपने-अपने अनुभव बताते और हमने काफी दिन साथ में रहकर शहर घुमां और वहाँ के रहन सहन वगैरा के बारे में जाना।मार्टिना बेन को हम कोई गिफ्ट देना चाहते थे तो मेरे बेटे ने बताया, "मम्मी, आंटी के किचन में एक पुराना-सा फ़ूड का वजन काँटा है, क्यों ना हम आंटी को नया डिजिटल वजन काँटा दे?"मुझे भी ये विचार बहोत अच्छा लगा ।मार्टिना बेन से काफी बाते हुई, वो भी इंडिया के बारे में काफी जानकारी रहती थी और वहाँ की सक्रीय सीनियर सभा की सदस्या भी थी ,जो शहर के डेवलोपमेन्ट में अपने विचार प्रस्तुत करते रहते ।घर में घूमते हुए किचेन में मुझे दो तीन बार उस पुराने फ़ूड वजनकांटे पर नजर डालते देख मा्टिॅना बहन अचानक से बोली, "आपको आश्चर्य लग रहा…See More
Aug 31
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Aug 28
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અછાંદસ

એક સાંજ...સાંજ વીતી આકરીતારા વગર ...વરસતો વરસાદ ,ખાલી મનની કોતરોપર ખળખળ વહીરડતો રહ્યો ..કોઈ હૃદય નીચવીઆભથી વરસતું રહ્યું ,વૃક્ષો લહેરાતા આનંદથી નાચતા રહયાએક હોડી કાગળનીઆમતેમ ફંગોળાતીઆખરે એક દીવાલેઊંડા શ્વાસ લેતીઉભી રહી ,પાંખ ફફડાવતો એક મોરજરાક જ ઉડ્યોને ફરી ...સંતાઈ ગયો એક પિંજરામાં .સદીઓના વિરહથીપીડાતો આ સમયવહેતો રહે છેબસ ....વહેતો જ રહે છે .-મનીષા જોબન દેસાઈSee More
Jul 31
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कहानी

लघुकथा अब क्या कहे ?“जितवन …..क्या कर रहे हो बाहर ? देखो ये कोन आया है ?” माँ की आवाज़ सुनकर अपने स्कूटर की लाइट ठीक कर रहा जित जल्दी से घर के अंदर आया ।“ओह ,कब आये आप बिजलभैया ?”“बस अभी अभी… मेरी मुंबई की पढाई ख़त्म हुई और सब सामान लेकर घर वापस आ गया और आप सब से मिलने चला आया.”उतने में मम्मी बोली ,“कैसा हो गया है ? कुछ ठीक से खाता है की नहीं ?”“अब क्या बतलाऊ बुआ ,हॉस्टल की लाइफ कितनी कठिन है ”“चलो अब सब ठीक हो जाएगा ,घरपर सब कैसे है ?कितने दिनो से मिलना भी नहीं हूआ.”और ,सब काफी देरतक नास्ते के साथ बातें करते हुए बैठे रहे।फिर एकाद घंटे के बाद जितवन अपनी कॉलेज जाने निकल रहा था ,“जितवन,नास्ता लिया थोड़ा साथ में ? ”“हाँ,कॉलेज से सीधा ही ट्यूशन चला जाऊंगा और शाम को किरण भैया भी आ जाएंगे ऑफिस से ,तो आपका जन्मदिवस अपना फेवरिट आइसक्रीम खाकर मनायेंगे ,भाभी को भी कहे देना.”“अब क्या मेरा जन्मदिवस? तेरे पप्पा तो तीन-चार दिन बाद बहारगांव से आनेवाले है,”कहकर मम्मी हॅसने लगी।“पापा आयेंगे तब वापस आईसक्रीम खायेंगे”“ठीक है, संभलकर जाना बेटा”कॉलेज से निकलकर सीधा ट्यूशन चला गया ,ओर ज्यादा देर हो गयी थी…See More
Jun 30
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गज़ल

माँ शब्द है जिन दिलो में यहाँ,पार हुआ है जग जूलो में यहाँ।दुःख की परछाईयों में जो घिरा ,छलकते थे दर्द आंखो में वहाँ।माफ़ किया है उसी माँ ने सदा ,हम सभी गुनाहगारो है यहाँ।बरसती उस ह्रदय से दुआ सभी ,कामयाबी आज ढेरो है यहाँ।नींद लेते सुख सपने देखते,जागती वो रात हजारो है यहाँ।साथ में वो रोई थी हमारे कभी ,राह में खाई ठोकरों में यहाँ।बात से उनकी कहानी निकले,फिरते थे फूल तारों में यहाँ।देखती थी मुरते मंदिर में ,फिरभी माँ को हूँ प्यारो में यहाँ।देकर लहू जिसने सींचा हमें ,सामने उसके सब हारो है यहाँ।याद माँ की है मधुरी दिल में,ये जगत-सागर खारो है यहाँ।ना फर्क किया कभी माँ ने यहाँ,ये बच्चे का सहारो है यहाँ।-मनिषा जोबन देसाईSee More
May 7
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May 6
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હાઇકુ...

કિનારે હોવુંએકલા; મઝધારેસંગ તમારો. -મનિષા "જોબન "See More
May 3
Rupal Purohit Rupal liked Manisha joban desai's blog post ગઝલ
Apr 17
Rupal Purohit Rupal liked Manisha joban desai's blog post ગઝલ
Apr 17
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Apr 4

Profile Information

First Language
Gujarati
Second Language
Hindi
How did you come to know about us?
Internet
Interests
Gujrati hindi short stories,gazal and haiku

Manisha joban desai's Blog

gazal

Posted on October 12, 2017 at 11:22am 0 Comments

अब इसी राह आना है,

कर रहे क्यों बहाना है।

जल रहे दूसरो से सब,

यही तो ये ज़माना है।

मना है ये…

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हाइकु

Posted on October 2, 2017 at 5:03pm 0 Comments

जिंदगी-लघुकथा

Posted on September 26, 2017 at 5:45pm 0 Comments

लघुकथा -ज़िन्दगी

रीवा ने डॉक्टरी पढ़ाई के बाद उस से ४ साल सीनियर डॉक्टर रुपेश ने नया नर्सिंग होम शुरू किया था, उस से पार्टनरशिप कर ली। अपने पापा की लाड़ली रीवा के खबर सुनाते ही प्रो.अमरीश की आँखों में आंसू आ गए।

पत्नी की मोत के बाद ११ साल की छोटी-सी रीवा को बड़े प्यार से पाला था। आज अपने सपनो की उड़ान भर रही बेटी रीवा रूपेश से अगले साल शादी भी कर रही है ,ये जानकार तो जैसे दिल एकदम हल्का-सा खुशियों से भर गया।नर्सिंग होम बहुत प्रगति कर रहा था। डॉ।रुपेश इतवार को भी काम करते रहते। नया घर भी बुक करवा लिया था।

रीवा अपनी सहेली वित्वा, जो दूसरे शहर के ससुराल से आयी थी उसके घर मिलने गयी, देर तक बाते करती रही दोनों। इतने में उसकी भाभी साहिला को देख रीवा अचानक से बोल पड़ी,

"अरे भाभी आप ऐसे कैसी हो गयी? तबियत ठीक नहीं है क्या?"

वित्वा ने कहा, 

"मैंने कितना समझाया और माँ-भैया को भी बोला कि इस तरहा गर्भपरीक्षण करवाना ग़लत है। दो बेटीयाँ है तो क्या हुआ? लेकिन ..."

रीवा थोड़ा गुस्से…

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यात्रा वृतांत

Posted on August 31, 2017 at 6:10pm 0 Comments

यात्रा वृतांत-मनिषा जोबन देसाई

मुझे छू गयी ये संवेदनशील बात ...

मित्रो, २००६ से २००९ के दरम्यान मेरा बेटा और बेटी लन्दन के छोटे से टाउन चिचेस्टर में पढ़ते थे ।में उन दोनों से मिलने गयी थी । मेरा बेटा प्रथम मार्टिना बहन नामकी एक रिटायर्ड ब्रिटिश महिला के यहाँ और बेटी युग्मा रैशल डोव नामक ब्रिटिश २४-२५ सालकी लड़की ,जो की एक लड़के एडंन की मम्मी भी थी, वहा पेइंग गेस्ट रहते थे ।दोनों अपने-अपने अनुभव बताते और हमने काफी दिन साथ में रहकर शहर घुमां और वहाँ के रहन सहन वगैरा के बारे में जाना।मार्टिना बेन को हम कोई गिफ्ट देना चाहते थे तो मेरे बेटे ने बताया, "मम्मी, आंटी के किचन में एक पुराना-सा फ़ूड का वजन काँटा है, क्यों ना हम आंटी को नया डिजिटल वजन काँटा दे?"

मुझे भी ये विचार बहोत अच्छा लगा ।मार्टिना बेन से काफी बाते हुई, वो भी इंडिया के बारे में काफी जानकारी रहती थी और वहाँ की सक्रीय सीनियर सभा की सदस्या भी थी ,जो शहर के डेवलोपमेन्ट में अपने विचार प्रस्तुत करते रहते ।घर में घूमते हुए किचेन में मुझे दो तीन बार उस…

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Blog Posts

નોટબંધી

Posted by Ketan Motla on October 21, 2017 at 2:28pm 0 Comments

                          નોટબંધી                    લે. કેતન મોટલા ‘રઘુવંશી’

‘સાંભળ્યું’ હવે આમ બેઠાં ના રયો. ઢોલીને અને ગોર મારાજ ને કાલે સવારે માંડવાના મુરતનું કે’તા…

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Will you...

Posted by Isha joyce on October 18, 2017 at 5:15pm 0 Comments

Will you reach me if I was distant,

If I get closer would you know I m nearer..

You watch me and say aloud to the masses,

While I know that was meant it for me...



A heart sways to a call but a senses reminding of wounds and pains of scars in await. .



If I come closer I seek not a distance,

If parting is in writing I sway not to your lands Rather stay here and watch you thou afar yet feel you nearer.



A bleeding heart can take no more… Continue

You and I

Posted by Hema Patel on October 16, 2017 at 2:00pm 0 Comments

A moment of happiness,

you and I sitting on the verandah,

apparently two, but one in soul, you and I.

We feel the flowing water of life here,

you and I, with the garden's beauty

and the birds singing.

The stars will be watching us,

and we will show them

what it is to be a thin crescent moon.

You and I unselfed, will be together,

indifferent to idle speculation, you and I.

The parrots of heaven will be cracking sugar

as we laugh… Continue

नाते शतकांचे, खऱ्या प्रेमाचे...

Posted by Sonal Pokharna Nahar on October 14, 2017 at 4:21pm 0 Comments

होऊन थेम्ब नभ तो बरसला, आतुरल्या धरणीच्या मिठीत विसावला!

झेपावला तो वेडा प्रेमी साऱ्या सुष्टीच्या साक्षीने, त्याच्यासाठी आसुसलेल्या धरणीच्या दिशेने!

शतजन्मीची गाठ ही धरणी अन नभाची, तुलना नाही दुसरी ह्या खऱ्या प्रेमाची!

शतके गेली अनेक, झाल्या अनेक कथा प्रेमाच्या,

नाही कुठेही तोड, मिलनाला धरणी अन नभाच्या!

देऊन ह्या मिलनाला साक्ष, हसली सारी सृष्टी, देवही हसला पाहून ही…

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gazal

Posted by Manisha joban desai on October 12, 2017 at 11:22am 0 Comments

अब इसी राह आना है,

कर रहे क्यों बहाना है।…

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A Confession

Posted by Chandra Bhanu Gupta on October 11, 2017 at 5:06am 0 Comments

There are millions and millions of people in this world who do more work than me everyday. That also they do to earn their living, and possibly not always out of sheer joy and happiness. One has to be fortunate enough to get some work everyday which he can do out of sheer joy and happiness.



My job is to bring new hope for people whom I come across daily, however small it may be. Number of people I come across daily are getting lesser and lesser, as I am getting older. If I fill up…

Continue

NeWnEsS..To Let Go Off..So as to Welcome the Future.. :-)

Posted by jAIMIn tRIVEDi on October 10, 2017 at 8:59pm 0 Comments

                                                                  A very Warm Welcome 2 all..
After a gap of two years, I am willing to write the blog once again. I have experienced my 2nd phase of life: - 5 years of College life; My 5 years that will remain with me longlife.The 1st phase (School Phase) was quite good. Some of them were my GOLDEN DAYS of life which i won't forget forever. Some school days were really the one which i missed while living every moment…
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Tears...

Posted by Isha joyce on October 10, 2017 at 6:47pm 0 Comments

Tears is all I have,

Nothing exclusive...

A heart that beats and a warmth of arms,

A Sparrow who's nest awaits an arrival from a distant land..



Would you nest by me I ask,

Would you love me as an ocean..

Would you let me lean on your shoulders,

Would you hear my silence..



I cry thou broken but you make me strong,

I run to you in my dreams...

Feel you right here,

Hold your hands not to let go...



I may fight with the… Continue

With you...

Posted by Isha joyce on October 10, 2017 at 6:36pm 0 Comments

With you is the journey I begin today,

A comfort zone a secure cover...

See you there and proud that you're by me,

And I say here...

Miss you yet never express,

As long as I have you I fear no shadows as I know you watch over me...



Today I say aloud I m in love to the right one,

That who s like me...



Hey I wanna say I love you...

Thank you for your love in a silence,

That suffice I ve no qualms no more do I seek..

This will… Continue

' ખાલી શકુંતલાની આંગળી' " ઝૂકેલી ડાળખીનો લીલો વળાંક લઈ એવું તો મનભરી ગાતો, જંગલમાં ધોધમાર વરસે ગુલમ્હોર! ક્યાંક કાગડો થઈ ન જાય રાતો. આજ મારી ફૂંકમાં એવો ઉમંગ સખી, સૂર થઈ ઊડી જાય વાંસળી, કેમ સખી ચીંધ…

Posted by Shital dabhi on October 10, 2017 at 10:41am 0 Comments

' ખાલી શકુંતલાની આંગળી'

" ઝૂકેલી ડાળખીનો લીલો વળાંક લઈ એવું તો મનભરી ગાતો,
જંગલમાં ધોધમાર વરસે ગુલમ્હોર! ક્યાંક કાગડો થઈ ન જાય રાતો.
આજ મારી ફૂંકમાં એવો ઉમંગ સખી, સૂર થઈ ઊડી જાય વાંસળી,
કેમ સખી ચીંધવો પવનને રે હું તો ખાલી શકુંતલાની આંગળી."

#Aniljoshi.. Continue

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